
इंडियन हैडलाइन न्यूज़ नेटवर्क/ कटिहार प्रतिनिधि
दिनांक 22 जून को आयोजित अखिल भारतीय जायसवाल (सर्व) महासभा की उच्चाधिकार समिति की बैठक में देश के अलग-अलग आए राज्यों से पदाधिकारियों ने अपने -अपने सुझाव रखे , जिनमें से कुछ प्रमुख रहे वरिष्ट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि प्रसिद्ध इतिहासकार एवं मुद्रा शास्त्री डॉ काशी प्रसाद जायसवाल को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए तथा पटना विश्वविद्यालय का नाम डॉ काशी प्रसाद विश्वविद्यालय किया जाना चाहिए तथा उनके सम्मान में पटना के प्रमुख चौक पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित होना चाहिए
राष्ट्रीय संगठन सचिव मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में कलवार को बनिया संवर्ग की कोटि 20 में पिछड़ा वर्ग श्रेणी में परिभाषित किया गया है, इस सभा के माध्यम से हम मांग करते हैं कि कलवार को अलग कोड प्रदान किया जाय एवं जैसार, जायसवाल, खरदाहा, व्याहुत, सुड़ी, सौंडिक, प्रसाद, वर्मा, आदि सभी उपजाति को कलवार जाति में उल्लेखित किया जाय जिससे जाति प्रमाण पत्र बनने में हो रही कठिनाई दूर हो सके। इस अवसर पर स्वगताध्यक्ष अशोक चौधरी ने आह्वान किया कि मृत्यू भोज जैसी सामाजिक कुरितियां बंद होनी चाहिए, उन्होने कहा कि हम संकल्प लेते हैं कि कटिहार से इसकी शुरूआत करेंगे
इस अवसर पर मुबंई की प्रसिद्ध मंचीय कवयित्रि पल्लवी रानी ने महासभा में कहा कि साहित्यिक प्रकोष्ठ का गठन किया जाना चाहिए , तथा एक पत्रिका भी निकाली जाए जिससे हमारे समाज के साहित्यकारों, कवियों को अपनी लेखनी व हिंदी साहित्य को समृद्ध करने का अवसर मिलेगा उन्होंने अपनी कविता –
“मैं जायसवाल की बेटी हूं, मैं गौरव -गाथा गान बनी, बांध गगन को आंचल में, लहरा के तिरंगा शान बनी मैं आंगन की तुलसी सी, पावन गंगा की धार हूं मैं शौर्य -त्याग गहने मेरे, मैं संस्कृति कीपहचान बनी।”से उपस्थित सदस्यों का मन मोह लिया
इस अवसर पर सीमा चौधरी, वीणा मानवी, सरोज जायसवाल ने महासभा में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की बात का जिक्र करते हुए कहा कि सामाजिक तथा राजनितिक क्षेत्र में अधिक से अधिक भागीदारी निभानी चाहिए।





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