
संपादक/प्रतिनिधि
समाजसेवी रक्तदान के प्रचारक व शतकवीर रक्तदाता प्रितमकुमार राजाभोज इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, भंडारा. यह 27 वर्षों से विविध क्षेत्रों मे निरंतर समाजसेवा मे अग्रसर रहे हैं, इन्होंने अनगिनत बार रक्तदान कर अनेको मरीजों को नया जीवन दिया है, साथ ही इन्होंने नेत्रदान का संकल्प भी लिया हैं और अभी हाल ही मे इन्होंने अंगदान का संकल्प लिया है, रक्तदुत प्रितमकुमार राजाभोज ने बताया के मरणोपरांत इस शरीर को भष्म ही होना हैं तो क्यूँ ना इस दुनिया से जाते जाते कुछ लोगों को नया जीवन देते हुए जाए, जिससे की ना सिर्फ वह व्यक्ति बल्कि उसका पुरा परिवार एक खुशहाल जीवन बिताए. जिल्हा शल्य चिकित्सक डॉ. दीपचंद सोयाम, अतिरिक्त जिल्हा शल्य चिकित्सक डॉ. अतुल टेम्भुर्निकर इन्होंने प्रितमकुमार राजाभोज के अंगदान संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाणपत्र दिया, साथ ही जिल्हा शल्य चिकित्सक डॉ. दीपचंद सोयाम इन्होंने अंगदान के महत्व को समझाते हुए कहा की एक व्यक्ति मरणोपरांत अपने अंग जैसे लिवर, किडनी, हार्ट, लंगस, आंत, पैंक्रियाज, तथा उतक ब्रेन, हार्ट वॉल्व, स्किन, आँखे ई. डोनेट कर सकते हैं, तथा अनेक लोगो को नया जीवन दे सकते हैं. इस तरह के सतकर्मो के लिए लोगों को आगे आना चाहिए और दूसरो को भी प्रेरित करना चाहिए, प्रितमकुमार राजाभोज का यह संदेश है की जीते जीते रक्तदान, जाते जाते नेत्रदान, अंगदान… इस समय रक्त संक्रमण अधिकारी डॉ. विजय कुनघटकर, पराग उजवने, प्रशांत बडोले, राजू नागदेवे, सोनाली लाम्बत, मयंक उजवने ई. उपस्थित रहे..





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