
इंडियन हैडलाइन न्यूज़ नेटवर्क/ कटिहार प्रतिनिधि

कटिहार: बताते चले कि इक्कीस जून की संध्या से प्रारंभ होने वाले अखिल भारतीय जायसवाल (सर्व) महासभा के सत्र 2025-28 की प्रथम उच्चाधिकार समिति की बैठक दिनांक बाईस जून तक चलना है। शहर के बिनोदपुर स्थित नमस्ते भारत बैंक्वेट में होने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों की बैठक की सफलता हेतु जायसवाल समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों की तैयारी समिति की बैठक स्वागताध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई।बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि कटिहार में पहली बार आयोजित होने वाली इस बैठक को ऐतिहासिक बनाना है। इसके लिए किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने देंगे।राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि नेपाल के खेलकूद एवं समाज कल्याण मंत्री प्रमोद कुमार जायसवाल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम सह संयोजक मनोज चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय संरक्षक प्रकाश चौधरी,अशोक जायसवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकिशोर मोदी, राष्ट्रीय महासचिव शैलेंद्र जायसवाल, राष्ट्रीय संयोजक जायसवाल अटल गुप्ता,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ जायसवाल, पूर्व डिप्टी मेयर दिल्ली विजय कुमार भगत प्रदेश प्रभारी बिपीन जायसवाल,सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर चंद्र साव,राष्ट्रीय महिला महासचिव माया सुवालका साईनाथ जायसवाल, बिहार प्रदेश अध्यक्ष रवि कुमार जायसवाल ,सुभाष जायसवाल, झारखंड से सुनील जायसवाल सहित महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात,
पंजाब, कर्नाटक, तेलंगना, तमिलनाडू, मध्यप्रदेश, बंगाल आदि राज्यों से कुल मिलाकर 105 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक चौधरी ने बैठक में
भारत सरकार का जातिगत गणना का निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि भारत सरकार ने हाल ही में जातिगत गणना कराने का निर्णय लिया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है। इससे देश में विभिन्न जातियों की सही संख्या का पता चल सकेगा और सरकारी नीतियों में सुधार हो सकेगा।उन्होंने कहा कि कल्चुरी वंश के अन्तर्गत जायसवाल, जैसार, चौकसे, प्रसाद, सिंहा, सिंह, वर्मा, खरदीहा, शिवहरे, गुलहरे, बाथम, शौंडिक, राय, चौकसे, ब्याहुत, मेवाड़ा, कलाल, कलार, कलवार, वर्णवाल, कर्णवाल, अगरवाल, गौड़, नायक, नदार आदि दो सौ से अधिक उपनाम एवं उपजाति हैं। इन सभी की जाति एक ही है, जो विभिन्न राज्यों में कलवार, कलाल या कलार जाति के नाम से सरकारी दस्तावेजों में वर्णित है।
कहा कि बिहार में कलवार जाति की समस्या है।बिहार में कलवार जाति को पिछड़ा वर्ग बीसी 2 के अन्तर्गत बनिया वर्ग में वर्गीकृत किया गया है, लेकिन केवल वियाहुत कलवार को ही पिछड़ा वर्ग में वर्गीकृत किया गया है।अन्य उपजातियों जैसे जैसार, जैसवाल, जायसवाल, चौधरी, सुड़ी, खरदीहा, साह, महतो, प्रसाद, सिंहा, वर्मा आदि उपनामों से प्रचलित उपजाति जो कलवार समाज के अन्तर्गत है इसका उल्लेख कलवार जाति के अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग की सूची में नहीं है, जिससे उनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाता है,इस लेकर पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में वियाहुत कलवार के साथ अन्य उपजातियों का भी उल्लेख किया जाना चाहिए तथा कलवार का अलग कोड दिया जाना चाहिए, जिससे जातिगत गणना में बिहार में कलवार जाति की सही संख्या जो नंबर एक या दो पर है का सही आंकड़ा ज्ञात हो सके इससे जातिगत गणना में सुधार होगा और सरकारी नीतियों में कलवार जाति की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जा सकेगा। जातिगत गणना एक महत्वपूर्ण कदम है जो देश में विभिन्न जातियों की सही संख्या का पता लगाने में मदद करेगा।
्बिहार में कलवार जाति की समस्या का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।कहा कि उक्त मुद्दे को भी इस बैठक में उठाया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता हेतु निभाष चन्द चौधरी, दीपक जायसवाल, बिद्यानन्द भगत, रवि चौधरी, जयराम जायसवाल, राज भगत, अनुज भगत,मुन्ना चौधरी, अरूण चौधरी,रवि जायसवाल, रामबिलास जायसवाल ,अभिषेक चौधरी, बिपिन चौधरी,मनोज जायसवाल,शोभा जायसवाल, सीमा चौधरी, सरिता जायसवाल,सहित अनेक कई लोग तैयारी में जुटे हुए हैं।बैठक में मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जाति जनगणना में महासभा की भूमिका, युवाओं को रचनात्मक कार्य व संगठन के प्रति जोड़ने हेतु योजना, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, समाज का सामाजिक व आर्थिक विकास पर चर्चा होंगी।





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