
नई दिल्ली: देश में जाति जनगणना को लेकर हमारे कलचुरि समाज की प्रभावी रणनीति विषय पर समाज के वरिष्ठ समाजसेवी श्री जय नारायण चौकसे जी के सानिध्य में दिल्ली में समाज के प्रबुद्धजन के साथ दूसरी बैठक 17 जुलाई ,2025 को (कनॉट प्लेस,नई दिल्ली) में आयोजित हुई। बैठक में विमर्श के लिए विशेष रूप से जातीय जनगणना में समरूपता लाकर प्रभावी रणनीति बनाना और एकजुटता को मज़बूत करने के लिए और इस लक्ष्य को हासिल करने के रोडमैप/योजना की रुपरेखा तय करने गहन मनन किया गया ।
बैठक में बिहार में हुई जातीय गणना के संदर्भ में और चर्चा के परिप्रेक्ष्य में यह बताया गया कि सर्वे में कलार, कलाल, कलवार, आदि सभी समाज की जातियों की गणना अलग-अलग होने से समाज का संख्या बल काफी कम दिखाया गया जोकि बहुत ही चिन्ता की बात है।इसको देखते हुए यह सुझाव दिया गया कि समाज की ओर से एक Umbrella होना चाहिए जिसके एकछत्र के नीचे हमारे सभी लोग (जाति/ उपजाति) आ जाएं और पूरे देश में हमारे कलचुरि समाज की वास्तविक संख्या और शक्ति का सही आकलन हो सके।
इस बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए : जातीय जनगणना के जरिए सशक्तिकरण का रोडमैप तैयार करने का काम एक कोर समिति के जरिए किया जायेगा जिसका अपना एक सचिवालय भी स्थापित होगा । एक Umbrella Word के नीचे एकीकरण की रणनीति बने जिसमे अपनी जाति उसके बाद bracket में लिखा जाए।
इस कार्य को व्यावहारिक और प्रभावशाली बनाने के लिए आम जनता को जोड़ने की रणनीति पर काम करना होगा । इसके लिए अपने समाज के आराध्य इष्टदेव महापराक्रमी सर्वकालिक पौराणिक कथाओं का चक्रवर्ती सम्राट भगवान सहस्रबाहु /सहस्त्रार्जुन के विराट व्यक्तित्व को महिमामंडित करने पर काम किया जायेगा ,ठीक वैसे ही जैसे अयोध्या के श्रीराम,शिर्डी के साईं बाबा, कटरा,जम्मू की माता वैष्णो देवी , राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित खाटू श्याम या केवडिया में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व के लिए जनभावना को उभारने पर काम किया गया। इसके लिए जन आस्था को जगाने का काम किया जायेगा।
इसके लिए एक अच्छे आलेख के जरिए माहौल तैयार करना, प्रेस और मीडिया व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये व्यापक प्रचार की रणनीति पर काम किया जायेगा जिसमें भक्ति और भावनात्मक दोनों दृष्टिकोणों पर एकसाथ काम करना होगा ।इसमें सभी महत्वपूर्ण तथ्यों व साक्ष्यों को जोड़कर अर्जुन की आँख जैसे लक्ष्य-केन्द्रित तरीके से काम करना होगा । उल्लेखनीय है कि 18 से 12 पुराणों में कार्तवीर्य सहस्रबाहु/सहस्त्रार्जुन की चर्चा, रामायण में भी सहस्रबाहु पर चर्चा है ,रामचरितमानस के सुंदरकांड दोहा 21 के बाद हनुमान जी ने रावण के दरबार में सहस्रबाहु का महिमागान किया है ।
यह भी निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के माहिष्मती (महेश्वर)धाम को समस्त कलचुरी समाज की तीर्थस्थली के रुप में घोषित करना होगा और समाज के धार्मिक कार्य; मुंडन, पूजन आदि के लिए माहिष्मति की स्वीकार्यता को आगे बढ़ाने पर तेजी से काम करना होगा ।समाज के सभी लोगों में यह भावना और प्रेरणा भी जगानी होगी कि कि अपने जीवनकाल में जितनी बार संभव हो,कम से कम एक बार तो अवश्य ही,माहिष्मतीधाम की तीर्थयात्रा जरूर करें ।
माहिष्मति में भगवान सहस्रबाहु/सहस्त्रार्जुन विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा की स्थापना के प्रकल्प पर काम किया जायेगा जिसमें हर घर का योगदान (ईंट ,सीमेंट ,सरिया ,बालू ,आदि के रूप में) लिए जाने की रणनीति पर काम किया जायेगा। इससे सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी ।
शहर शहर में सहस्रबाहु जी की शोभायात्रा निकालने , सहस्रबाहु के नाम पर सड़कों और चौराहों का नामकरण करने की रणनीति पर भी काम करना होगा बैठक में देश भर में आ रही लव जिहाद के जरिये बहला फुसलाकर हिन्दू समाज की लड़कियों के धर्मांतरण की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी और यह तय किया गया कि समाज के सभी कार्यक्रमों में अपनी लड़कियों को इस साजिश के प्रति आगाह किया जायेगा और जन जागृति को बढ़ाया जायेगा ताकि ऐसी घटनाओं को घटाया/रोका जा सके।





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