
भंडारा: इंडियन हेडलाईन न्यूज नेटवर्क से बात करते हुए जॅकी रावलानी ने बताया की सेवा करना ही मेरा धर्म रहा है। समाज कार्य एक पेशा और अनुशासन है जो व्यक्तियों, परिवारों, समूहों और समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित है। इसमें सामाजिक न्याय, मानवाधिकारों को बढ़ावा देना, और कमजोर व हाशिए पर पड़े लोगों को सशक्त बनाना शामिल है। यह जीवन की चुनौतियों से निपटने में मदद करने, सहायता और संसाधनों तक पहुँच को सुगम बनाने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने का एक समग्र दृष्टिकोण है। समाजसेवा का लक्ष्य सामाजिक कल्याण और भलाई के लिए सीधे कार्य करना है, जबकि राजनीति का उद्देश्य शासन और सत्ता के माध्यम से समाज के बड़े स्तर पर व्यवस्था और नीतियां बदलना है। समाजसेवा में व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर सहायता प्रदान करना है,
समाजकार्य और राजनीति में समानता: सामाजिक कार्यकर्ता समुदाय की समस्याओं का विश्लेषण करते हैं और समाधान की योजना बनाते हैं। यह प्रक्रिया राजनीति में भी अपनाई जाती है, जहां राजनेता समस्याओं की पहचान करते हैं, उनका आकलन करते हैं और समाधान के लिए नीतियां बनाते हैं।
एक दूसरे से जुड़ाव: कुछ मामलों में, समाजसेवा और राजनीति एक दूसरे से जुड़ सकती हैं, जैसे जब कोई सामाजिक कार्यकर्ता राजनीति में शामिल होकर अपनी विशेषज्ञता का उपयोग नीतियां बनाने में करता है।
एक दूसरे से अंतर: हालाँकि, दोनों पूरी तरह से अलग हैं। राजनीति में यदि जनता का विश्वास एक बार टूट जाए तो उसे दोबारा पाना बहुत कठिन होता है, जबकि समाजसेवा में ऐसी स्थिति में नुकसान कम होता है।
“समाज के प्रति यह समर्पण मेरे जीवन का उद्देश्य है,जो निरंतर जारी रहेगा।” “जीवन समर्पित करने वाले लोग ही मर्यादा पुरुषोत्तम राम बन सकते हैं” कोई भगवा चोला और धनुष्यबाण धारण करने से राम नही बन जाता राम बनने के लिए जीवन को त्यागना पडता है! भगवान राम के जीवन के सिद्धांतों को दर्शाता है, जहाँ उन्होंने त्याग, समर्पण और सेवा को अपने कार्यों का आधार बनाया।
” कमल वही खिलता है जहां कीचड़ होता है” राजनीतिक पार्टी बदलने के कारण: नीतियों और विचारधारा में बदलाव: अगर आपको लगता है कि एक पार्टी की नीतियां समाज के हित में नहीं हैं, तो आप दूसरी पार्टी में जा सकते हैं जो आपकी विचारधारा से मेल खाती हो।
अवसरों की तलाश: आप किसी ऐसी पार्टी को चुन सकते हैं जो आपको समाज सेवा करने के अधिक अवसर प्रदान करती हो।
मतभेदों को दूर करना: यदि आपके राजनीतिक दल के सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद हैं, तो आप पार्टी बदल सकते हैं।
“मैंने अपने शहर के विकास को हि अपना जीवन उद्देश्य बना लिया। इसी के लिए मैंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।”
“शहर के विकास के लिए मैंने न केवल समय और परिश्रम, बल्कि अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया — क्योंकि मुझे विश्वास है कि असली सफलता समाज की प्रगति में है।”
“शहर के विकास के लिए मैंने व्यक्तिगत सुविधाओं से ज़्यादा सामाजिक दायित्व को प्राथमिकता दी है। यह मेरे जीवन का संकल्प बन गया है।”
“मैंने शहर के विकास के लिए कई व्यक्तिगत त्याग किए, लेकिन जब समाज आगे बढ़ता है तो वो हर त्याग सार्थक लगता है।”
भंडारा शहर के विकास कार्यों के लिए जीवन भर सार्थक और तत्पर रहूंगा शहर की जनता का हमेशा सेवक बनकर ही कार्य करूंगा! मेरा हर प्रयास, हर संघर्ष और हर सपना सिर्फ़ और सिर्फ़ भंडारा की प्रगति, विकास और जनता की खुशहाली के लिए है।” आइए साथ मिलकर एक सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भंडारा का निर्माण करें: जॅकी रावलानी भा.ज.पा.भंडारा





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